सोमा बनीं सीएजी तो महर्षि को किसने हटाया?


-महकमों में खलबली
भोपाल,नई दिल्ली, दोपहर मेट्रो। देश की नियंत्रक व महालेखा परीक्षक के पद पर सोमा रॉय बर्मन की नियुक्ति की खबर से केंद्र के सरकारी महकमों में हडकंप मच गया है। दरअसल इस पद पर दो साल पहले ही राष्ट्रपति ने राजीव महर्षि को पदस्थ किया गया है,इस पद पर बैठे व्यक्ति को सिर्फ महाभियाग चलाकर ही हटाया जा सकता है। ऐसे में सोमा रॉय की आमद से खलबली है, आज नियंत्रक महालेखा परीक्षक मुख्यालय दिल्ली से इस बारे में 'स्थिति स्पष्ट"करने जा रहा है।

उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो सोमा रॉय बर्मन की नियुक्ति महानियंत्रक लेखा के पद पर की गई है। यह सामान्य नियुक्ति है, इसे सीजीए कहा जाता है जबकि सीएजी यानि नियंत्रक महालेखा परीक्षक की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं। देश के गृहसचिव रह चुके राजस्थान कॉडर के रिटायर्ड आईएएस राजीव महर्षि अभी यह दायित्व संभाल रहे हैं। माना जाता है कि सीमा राय बर्मन की नियुक्ति के संबंध में सामने आई खबरों की वजह भ्रम है। उल्लेखनीय है कि लगभग सात वर्ष पहले सीएजी रहे विनोद रॉय अपने फैसलों को लेकर काफी चर्चित और विवादित भी हो गये थे।सूत्रों की मानें तो मोदी सरकार ने सीमा रॉय बर्मन को सीजीए पदस्थ किया है वे 86 बैच की भारतीय सिविल लेखा सेवा की अध्ािकारी हैं।