राजेश सिरोठिया
भोपाल। महाराष्ट्र में भाजपा को सत्ता से बाहर रखने के बाद कांग्रेस ने दूसरे राज्यों और केंद में भाजपा का अछूत तथा नरेद्र मोदी और अमित शाह को भाजपा के भीतर अलग थलग करने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। कांग्रेस ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में महाराष्ट्र को लिया था। इसमें कामयाबी मिलने के बाद ही इसके विस्तार की योजना बनी है। देश में आर्थिक मंदी को औजार के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक शिवसेना को भाजपा से अलग थलग करने की रणनीति को कांग्रेस से शिवसेना गई नेत्री प्रियंका चतुर्वेदी और एनसीपी के करीबी नेता संजय राऊत के जरिए अंजाम दिया। अब इसे पहले उन प्रदेशों में आजमाया जाएगा जहां कि भाजपा अपने सहयोगियों के भरोसे सत्ता में हैं। झारखंड में हुई चुनाव पूर्व उछलकूद भी इसी का हिस्सा था। बिहार , गोवा और उत्तर पूर्वी राज्यों में भी धीरे-धीरे भाजपा के सहयोगी दलों को मोदी-शाह के खिलाफ उकसाया जा रहा है। कांग्रेस ने क्षेत्रीय दलों के मन में यह डर भरा है कि भाजपा छोटे और क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर सत्ता साझा करती है और अपना वजूद कायम होने के बाद उसे दूध से मख्खी की तरह निकाल दिया जाता है। इसलिए वजूद बचाना है तो भाजपा से बचो।
देश में आर्थिक सुस्ती को भी कांग्रेस ने मोदी-शाह और उनकी भाजपा के खिलाफ औजार के बतौर इस्तेमाल करने की रणनीति बनाई है। मंदी से देश की तरक्की रूकने, बेरोजगारी बढऩे और रोजगार छिनने जैसे आरोपों के साथ उन लोगों के माइंड सेट को बदला जाएगा जो अभी राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर मोदी- शाह को साथ देते आए हैं। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस इस काम में उन उद्योग समूहों का भी इस्तेमाल करेगी जो उससे सहानुभूति रखते हैं और मोदी तथा भाजपा से दुखी हैं।
मंदी और भाजपा को अलग थलग करके कांग्रेस के पुर्नजीवन की इस पूरी व्यूह रचना को कांग्रेस के मददगार वामपंथी थिंक टैंक ने तैयार की है। भाजपा को अलग थलग करने के साथ ही योजना देश में मंदी का बुखार चढ़ाकर मोदी और शाह को पार्टी के भीतर भी अलग थलग करने की बात भी शामिल है। कांग्रेस ने मोदी पर मंदी के लिए नोटबंदी और जीएसटी जैसे फैसलों को जिम्मेदार ठहराने के बयान तेज कर दिए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय का कहना है कि जनाधार खो चुकी कांग्रेस के जनता के बीच भ्रम फैलाकर भाजपा को कमजोर करने की साजिशों को देश की जनता कभी कामयाब नहीं होने देगी।
कांग्रेस की रणनीति: भाजपा खासकर मोदी-शाह को अलग थलग करो